Vrat katha, Vrat Vidhi

Gangaur (Gauri Tritiya) | Chaitra Shukla Tritiya: Maa Gauri Ki Puja, Vrat Katha, Puja Vidhi aur Sampoorna Jankari

गनगौर (गौरी तृतीया) (चैत्र शुक्ल तृतीया) होली के दूसरे दिन (चैत्र कृष्ण प्रतिपदा) से कुमारी और विवाहित लडकियां अर्थात नवविवाहिताएं प्रतिदिन गनगौर पूजती हैं। वे चैत्र शुक्ल द्वितीया (सिंजारे) के दिन किसी नदी, तालाब या सरोवर पर जाकर अपनी पजी हई गनगौरों को पानी पिलाती हैं। फिर दूसरे दिन सायंकाल के समय उनका विसर्जन कर […]

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Navratri (Durga Pujan) : Maa Durga Ke 9 Roop, Puja Vidhi, Vrat Niyam, Ghatasthapana aur Sampoorna Jankari

नवरात्र (दुर्गापूजन) (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से अष्टमी/नवमी तक) यह उत्सव चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से लेकर नवमी तक चलता है। इस उत्सव में दर्गा तथा कन्या पूजन का बड़ा महत्व है। हमारे धर्म में तैंतीस करोड़ देवी-देवता. हैं, परंतु साक्षात ईश्वर भगवान विष्णु और उनके राम व कृष्ण अवतारों को ही माना जाता है। मातृशक्तियों में

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Papmochani Ekadashi (Chaitra Krishna Ekadashi) : Vrat Katha, Puja Vidhi, Mahatva aur Sampoorna Jankari

पापमोचनी एकादशी (चैत्र कृष्ण एकादशी) यह एकादशी पापमोचनी एकादशी कहलाती है। इस दिन भगवान विष्णु को अर्घ्य दान देकर षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए। तत्पश्चात धूप, दीप, चंदन आदि से नीराजन करना चाहिए। इस दिन निदित कर्म तथा मिथ्या भाषण नहीं करना चाहिए। एकादशी के दिन भिक्षुक, बंधु-बांधव तथा ब्राह्मणों को भोजन दान देना फलदायी होता

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Sheetala Ashtami | Chaitra Krishna Ashtami Significance, Vrat, Puja Vidhi, History & Spiritual Benefits.

शीतलाष्टमी (चैत्र कृष्ण अष्टमी) शीतलाष्टमी (बासोडा) का व्रत केवल चैत्र अष्टमी को होता है। होली के 7-8 दिन बाद अर्थात चैत्र कृष्ण पक्ष में शीतला माता की पूजा की जाती है। यह माना जाता है कि यह पूजा करने से बच्चों को चेचक नहीं निकलती। कुछ परिवारों में तो यह पूजा होली के आठ दिन

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Sankashti Chaturthi Vrat | Significance, Vrat Katha, Puja Vidhi, Moonrise Time & Benefits

संकष्ट चतुर्थी व्रत यह व्रत सभी महीनों में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को किया जाता है। यति चती दो दिन में पड़ जाए तो पहले दिन व्रत करें। उस दिन व्रती को चाहिए। कि पात:काल स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करके व्रत का संकल्प करें। इस संकल्प को करके दिनभर मौन रहें। सायंकाल पुन:स्नान करके

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Bhartiya Nav Varsh 2026 | Nav Samvatsar (Chaitra Shukla Pratipada) Ka Mahatva, Itihas aur Puja Vidhi

भारतीय नववर्ष नव संवत्सर (नववर्षारम्भ) (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा ‘वर्ष प्रतिपदा’ कहलाती है। भारतीय धर्मशास्त्रों के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए वर्ष का औरम्भ माना जाता है। ब्रह्म पुराण में ऐसा प्रमाण मिलता है कि…’ ब्रह्माजी ने इसी तिथि को (सूर्योदय के समय) सृष्टि की रचना की थी।’

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सोमवार व्रत कथा एवं विधि: महत्व, पूजा-विधि, लाभ और पूरी पौराणिक कथा (Somvar Vrat Katha & Vidhi in Hindi)

पहले समय में किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था. दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था. नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे. इतना सब कुछ से संपन्न होने के बाद भी वह व्यापारी बहुत दुखी था, क्योंकि उसका कोई पुत्र नहीं था. जिस कारण अपने मृत्यु के पश्चात् व्यापार

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