Puja Vidhi

Aasamai Vrat | Vaishakh Krishna Dwitiya: Mahatva, Puja Vidhi, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari

आसामाई व्रत (वैशाख कृष्ण द्वितीया) वैसे वैशाख, आषाढ़ और माघ इन तीन महीनों में किसी भी रविवार के दिन आसमाई की पूजा की जा सकती है। किसी-किसी परिवार में यह पूजा वर्ष में दो या तीन बार भी होती है। यह व्रत संतान की मंगल कामना व  सुख-सौभाग्य के लिए किया जाता है। यह व्रत […]

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Pajoon Poono Vrat | Chaitra Purnima: Mahatva, Puja Vidhi, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari

पजून-पूनो व्रत (चैत्र पूर्णिमा) यह उत्सव चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन व्रत नहीं रखा जाता, बल्कि ‘पजून-कुमार’ की पूजा की जाती है। यह पजन उन्हीं घरों में होता है, जिसमें लड़के का जन्म हुआ हो। जिस घर में लडकियां ही होती हैं, वहां यह पूजन नहीं होता।

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Chaitri Purnima (Chaiti Poonyo) | Chaitra Purnima: Mahatva, Satyanarayan Puja, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari

चैत्री पूर्णिमा (चैती पून्यो) (चैत्र पूर्णिमा) हिंदू धर्म में बारह मास की सभी पूर्णिमाओं को विशिष्ट स्थान प्राप्त है। प्रत्येक मास की पूर्णिमा तिथि पवित्र मानी गई है। परंतु जहां तक चैत्र मास की पूर्णिमा का प्रश्न है, इसका अत्यन्त विशिष्ट स्थान है। इस दिन देव नदी, तीर्थ, सरोवर आदि में स्नान, दान करने से

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Kamada Ekadashi | Chaitra Shukla Ekadashi: Mahatva, Puja Vidhi, Vrat Katha, Parana aur Sampoorna Jankari

कामदा एकादशी (चैत्र शक्ल एकादशी) इस एकादशी को ‘कामदा एकादशी’ कहते हैं। इस दिन भगवान वासुदेव का पूजन किया जाता है। व्रत के एक दिन पूर्व (दशमी की दोपहर) जौ, गेहूं और मूंग आदि का एक बार भोजन करके भगवान का स्मरण करना चाहिए। दूसरे दिन अर्थात एकादशी को प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत

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Anang Pujan Vrat | Chaitra Shukla Ekadashi: Mahatva, Puja Vidhi, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari

अनंग पूजन व्रत (चैत्र शुक्ल एकादशी) इस व्रत को चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी को करते हैं। इसे दमनक एकादशी तथा अनंग पूजन व्रत कहते हैं। इस दिन उपवास करना चाहिए। दमनक पौधे के पुष्प पूजने हेतु स्नानादि करके जल चंदन से दमनक की पूजा करें तथा प्रार्थना करें कि तुझे श्रीकृष्ण के पूजार्थ ले जाता

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Ashokashtami | Chaitra Shukla Ashtami: Mahatva, Puja Vidhi, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari

अशोकाष्टमी (चैत्र शुक्ल अष्टमी) इस दिन अशोक वृक्ष का पूजन किया जाता है। प्रातः स्नानादि के बाद अशोक के वृक्ष की पूजा करके उसके पुष्पों अथवा कोंपलों से भगवान शिवन करें और आठ कलिकाएं खाकर व्रत करें। ऐसा करने से व्रत सदैव शोक रहित रहता है अर्थात उसे शोक नहीं होता। यदि उस दिन बुधवार

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Maha Ashtami (Durga Ashtami) | Chaitra Shukla Ashtami: Kanya Pujan, Puja Vidhi, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari

महाष्टमी या दुर्गाष्टमी (चैत्र शुक्ल अष्टमी) चैत्र शुक्ल अष्टमी का अत्यन्त विशिष्ट महत्व है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नवरात्र पूजा का जो आयोजन प्रारम्भ होता है, वह आज ही के दिन या दूसरे दिन नवमी को पूर्णता प्राप्त करता है। आज के दिन ही आदिशक्ति भवानी का प्रादुर्भाव हुआ था। भगवती भवानी अजेय शक्तिशालिनी महानतुम

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Shri Panchami | Chaitra Shukla Panchami: Mahatva, Puja Vidhi, Vrat Katha aur Sampoorna Jankari.

श्री पंचमी (चैत्र शुक्ल पंचमी) इस दिन भगवान विष्णु ने लक्ष्मीजी को अपनी प्राण वल्लभा (प्रिया) स्वीकार किया था। इस दिन भगवान विष्णु तथा भगवती लक्ष्मी का एक साथ पजन करने से अपार वैभव तथा अतुल सम्पत्ति की प्राप्ति होती है। इस उत्सव की सफलता के लिए सौभाग्यवती, सुंदर, सुलक्षणा विप्र पत्नी को वस्त्रालंकार देकर

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