🙏 स्वागत है Pinki Ajay Gour के साथ इस पवित्र यात्रा में — जहाँ हम लेकर चलेंगे आपको माँ चंडी माता मंदिर, जो श्री माता मानसा देवी मंदिर (पंचकूला) के पास स्थित एक प्रसिद्ध शक्तिस्थल है।
यह माँ चंडी देवी मंदिर, उत्तर भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। कहा जाता है कि इसका निर्माण महाभारत काल में पांडवों द्वारा किया गया था। माँ चंडी, शक्ति और साहस की देवी हैं, और उनकी पूजा से जीवन में नकारात्मक शक्तियाँ दूर होती हैं तथा मन को शांति मिलती है।
🕉️ माँ चंडी मंदिर का इतिहास:
माना जाता है कि पांडवों ने युद्ध से पहले यहाँ पूजा-अर्चना की थी। इसी देवी के नाम पर इस क्षेत्र का नाम “चंडीगढ़” पड़ा — जिसका अर्थ है “चंडी देवी का किला”। यह मंदिर माँ मानसा देवी मंदिर, जयन्ती देवी मंदिर और काली माता मंदिर के साथ त्रिशक्ति सर्किट का हिस्सा है।
🕰️ दर्शन का समय:
सुबह – 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
शाम – 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक
(विशेष आरती – नवरात्रि, अष्टमी और दुर्गा पूजा पर)
📍 स्थान:
काली माता मंदिर रोड, कालका-शिमला हाईवे, मानसा देवी मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर, पंचकूला (हरियाणा) में।
निकटतम रेलवे स्टेशन – चंडीगढ़ (9 किमी) और कालका (15 किमी)।
निकटतम हवाई अड्डा – चंडीगढ़ एयरपोर्ट (25 किमी)।
🎡 आसपास के पर्यटन स्थल:
श्री माता मानसा देवी मंदिर (3 किमी)
नाड़ा साहिब गुरुद्वारा (10 किमी)
जयन्ती देवी मंदिर (20 किमी)
सुखना लेक और रॉक गार्डन (12 किमी)
🍛 सुविधाएँ:
मंदिर में पार्किंग, प्रसाद की दुकानें, शुद्ध जल और बैठने की व्यवस्था है। परिसर स्वच्छ और शांत है, जहाँ भक्त ध्यान और पूजा कर सकते हैं।
📅 यात्रा का सर्वोत्तम समय:
नवरात्रि और दुर्गा पूजा के समय यहाँ विशेष मेले और भव्य आरती होती है। यह स्थान पूरे वर्ष श्रद्धालुओं से भरा रहता है।
🎥 इस वीडियो में Pinki Ajay Gour आपको मंदिर का पूरा इतिहास, दर्शन और यात्रा मार्ग दिखाएँगी। यदि आप चंडीगढ़-पंचकूला के धार्मिक स्थलों की यात्रा कर रहे हैं, तो माँ चंडी माता मंदिर आपकी सूची में अवश्य होना चाहिए।
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