चंडीगढ़ का चमत्कारी बनभौरी माता मंदिर – जहाँ हर मनोकामना होती है पूर्ण
चंडीगढ़ के आदर्श नगर, सेक्टर 13 में स्थित बनभौरी माता मंदिर माँ भ्रामरी देवी को समर्पित एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है। माँ भ्रामरी देवी को दुर्गा माँ का शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है। यह मंदिर अपनी प्राचीन मान्यता, अखंड ज्योति और चमत्कारी अनुभवों के लिए जाना जाता है।
मंदिर की स्थापना सन 1986 में हुई थी। यहाँ प्रज्वलित अखंड ज्योति ऐतिहासिक शक्तिपीठ बनभौरी धाम (बरवाला, हिसार – हरियाणा) से लाई गई थी, जो आज भी निरंतर जलती रहती है। भक्तों का विश्वास है कि माता की यह ज्योति उनके जीवन की सभी बाधाओं को दूर करती है।
पौराणिक महत्व
लोककथा के अनुसार अरुणासुर नामक दैत्य ने ब्रह्मा जी से ऐसा वरदान प्राप्त कर लिया था कि उसे न मनुष्य मार सके और न पशु। इसके बाद उसने पूरी पृथ्वी पर आतंक फैला दिया। तब माँ दुर्गा ने बनभौरी (छह पैरों वाले भवरे) का रूप लेकर उसका वध किया। तभी से माता के इस स्वरूप को माँ बनभौरी कहा जाता है।

मंदिर की विशेषताएँ
मंदिर परिसर में माँ बनभौरी के साथ महाकाली, हनुमान जी, शिव परिवार और भैरो बाबा की प्रतिमाएँ भी विराजमान हैं। यहाँ का वातावरण अत्यंत शांत और भक्तिमय रहता है। श्रद्धालु मानते हैं कि सच्चे मन से माँगी गई हर मनोकामना यहाँ अवश्य पूर्ण होती है।
नवरात्रि का विशेष महत्व
नवरात्रों के दौरान मंदिर में विशेष सजावट, दुर्गा सप्तशती पाठ, आरती और भंडारे का आयोजन किया जाता है। इन दिनों बड़ी संख्या में भक्त माता के दर्शन हेतु आते हैं।

कैसे पहुँचे
यह मंदिर चंडीगढ़ शहर के भीतर स्थित है और ऑटो, टैक्सी या निजी वाहन से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
निष्कर्ष
बनभौरी माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, शक्ति और चमत्कार का केंद्र है। यदि आप चंडीगढ़ में हैं, तो इस चमत्कारी सिद्धपीठ के दर्शन अवश्य करें।
जय माँ बनभौरी! 🙏


